भारत में ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर कैसे शुरू करें
आख़िरी अपडेट: जून 2026
भारत में ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर शुरू करने के लिए तीन चीज़ें चाहिए: ग्राहक के ऑर्डर करने की जगह, पेमेंट लेने का तरीक़ा, और डिलीवरी का तरीक़ा — और इन सबके पीछे बिलिंग और स्टॉक संभालने का तरीक़ा। अच्छी बात यह है कि इसके लिए न डेवलपर चाहिए, न वेबसाइट प्रोजेक्ट, न कोई ख़ास ऐप। e-Kirana के साथ एक ही Windows डेस्कटॉप ऐप आपकी ग्रॉसरी दुकान को अपने नाम का ऑनलाइन स्टोर, बिलिंग व POS, UPI पेमेंट और होम डिलीवरी देता है — सब एक ही स्क्रीन से।
यह गाइड बताती है कि ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर का असल मतलब क्या है, लाइव होने के पाँच कदम क्या हैं, और अपना स्टोर रखना किसी मार्केटप्लेस या क्विक-कॉमर्स ऐप पर एक जगह किराए पर लेने से कैसे अलग है। पूरी बात का सार यही है: स्टोर, ग्राहक और मार्जिन आपके अपने रहते हैं, हर टोकरी का एक हिस्सा किसी प्लेटफ़ॉर्म को देने के बजाय।
ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर में असल में क्या-क्या आता है?
ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर सिर्फ़ इंटरनेट पर रखी प्रोडक्ट लिस्ट नहीं है। इसे सच में चलाने के लिए आपको चाहिए एक कैटलॉग जिसे ग्राहक देख सकें, बिलिंग जो हर बिक्री दर्ज करे और स्टॉक सही रखे, ऐसा पेमेंट जिस पर पैक करने से पहले भरोसा हो, और डिलीवरी जो सामान दरवाज़े तक पहुँचाए। नए लोगों की सबसे बड़ी ग़लती यह है कि वे चार अलग-अलग टूल ख़रीद लेते हैं जो आपस में बात ही नहीं करते। e-Kirana चारों को एक डेस्कटॉप ऐप में रख देता है: बारकोड से कैटलॉग बनाएँ, काउंटर पर बिल बनाएँ, UPI पेमेंट अपने आप वेरिफ़ाई करें, और डिलीवरी भेजें — और ऊपर बैठा रहता है आपकी दुकान का अपने नाम का ऑनलाइन स्टोर अपने सबडोमेन पर। चूँकि बिलिंग और ऑनलाइन स्टोर एक ही स्टॉक साझा करते हैं, ग्राहक हमेशा वही देखते हैं जो आपके पास सच में है।
पहले सिर्फ़ स्टोरफ़्रंट वाली तस्वीर देखनी है? देखें किराना दुकान के लिए ऑनलाइन स्टोर।
अपना ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर शुरू करने के पाँच कदम
शुरुआत एक छोटा क्रम है, कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं। हर कदम उसी e-Kirana ऐप से चलता है, इसलिए आपको न अलग-अलग टूल जोड़ने पड़ते हैं, न किसी को उन्हें जोड़ने के लिए रखना पड़ता है।
- 1e-Kirana इंस्टॉल करें और बिलिंग सेट करें।
e-Kirana को एक Windows कंप्यूटर पर डालें और उसे अपनी ग्रॉसरी बिलिंग व POS की तरह इस्तेमाल करें। यही वह आधार है जिस पर बाक़ी सब टिकता है — हर ऑनलाइन ऑर्डर उसी स्क्रीन पर आएगा जहाँ से आप बिल बनाते हैं। 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध, ताकि आप उसी भाषा में काम करें जिसमें आप सहज हैं।
- 2बारकोड से अपना ग्रॉसरी कैटलॉग बनाएँ।
अपने प्रोडक्ट एक बार बारकोड से बल्क-इम्पोर्ट करें, फिर दाम और स्टॉक सेट करें। e-Kirana में रखे दाम और स्टॉक सीधे ऑनलाइन स्टोर पर आ जाते हैं, और काउंटर पर हर बदलाव अपने आप ऑनलाइन दिखता है।
- 3अपने नाम का ऑनलाइन स्टोर ऑन करें।
अपना स्टोर ऑन करें और एक नाम चुनें। आपकी ग्रॉसरी दुकान को अपने सबडोमेन पर अपने नाम का स्टोरफ़्रंट मिलता है — पोस्टर या दुकान के बोर्ड पर शेयर करने के लिए तैयार। न कोई वेबसाइट बनानी है, न कोई डेवलपर रखना है।
- 4UPI पेमेंट अपने आप वेरिफ़ाई करना सेट करें।
"e-Kirana Payments" Android कम्पैनियन ऐप को QR से पेयर करें, ताकि UPI पेमेंट अलर्ट अपने आप पढ़े और वेरिफ़ाई हों — पैक करने से पहले पता रहता है कि ऑर्डर पेड है।
- 5ऑर्डर लेना और डिलीवरी करना शुरू करें।
अपना स्टोर लिंक शेयर करें और ऑर्डर लेना शुरू करें। डिलीवरी-पार्टनर ऐप के साथ अपने स्टाफ़ से डिलीवरी करें — पास-पास के ऑर्डर बैच करें, अच्छे रास्ते पर चलें, COD दर्ज करें, और ग्राहक को लाइव GPS ट्रैकिंग दिखाएँ। अपने इलाक़े से बाहर के ऑर्डर के लिए किसी कूरियर पार्टनर को सौंप दें।
पहले सिर्फ़ अपने आस-पास के इलाक़े पर ध्यान? देखें अपने इलाक़े के लिए ऑनलाइन स्टोर शुरू करें।
अपना ग्रॉसरी स्टोर बनाम मार्केटप्लेस या क्विक-कॉमर्स पर एक जगह
शुरू करते समय सबसे बड़ा फ़ैसला यही है कि स्टोर किसका है। किसी बड़े मार्केटप्लेस पर लिस्ट होना या क्विक-कॉमर्स पर एक जगह पकड़ना दिखावा तो देता है, पर उनकी शर्तों पर — उनका नाम, उनका कमीशन, ग्राहक पर उनकी पकड़। आपका अपना स्टोर यह सब आपके पास रखता है। नीचे फ़र्क़ आमने-सामने देखें।
| क्या मायने रखता है | आपका अपना e-Kirana ग्रॉसरी स्टोर | मार्केटप्लेस / क्विक-कॉमर्स पर एक जगह |
|---|---|---|
| नाम किसका है | आपकी दुकान का नाम, अपने सबडोमेन पर | उनका ऐप; आप कई विक्रेताओं में से एक |
| ग्राहक किसका है | आपका — दोबारा ख़रीदने वाले आपके स्टोर पर लौटते हैं | रिश्ता प्लेटफ़ॉर्म रखता है |
| हर ऑर्डर पर कमीशन | e-Kirana आपकी बिक्री पर कुछ नहीं लेता | हर टोकरी का एक हिस्सा |
| दाम और स्टॉक कौन तय करे | आप, सीधे अपने काउंटर से लाइव | अक्सर प्लेटफ़ॉर्म के नियमों में बंधे |
| डिलीवरी | आपका अपना स्टाफ़, या दूर के ऑर्डर के लिए कूरियर | उनका बेड़ा, उनकी पहुँच और नियम |
| इंटरनेट जाने पर चलता है | हाँ — ऑफ़लाइन ऑर्डर कैप्चर + क्लाउड सिंक | उनके ऐप और नेटवर्क की ज़रूरत |
ख़ास तौर पर ग्रॉसरी में, स्टोर का अपना होना और भी मायने रखता है: मार्जिन पतला होता है, इसलिए हर टोकरी पर कमीशन रोज़ के सामान पर मुनाफ़े और घाटे का फ़र्क़ बन जाता है।
पेमेंट और डिलीवरी असल में कैसे चलते हैं
दो चीज़ें ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर को बनाती या बिगाड़ती हैं: भरोसे से पैसे मिलना और सस्ते में डिलीवरी होना। e-Kirana दोनों को बिना किसी अलग टूल के संभालता है। पेमेंटके लिए, "e-Kirana Payments" Android कम्पैनियन ऐप आपके UPI पेमेंट अलर्ट पढ़ता है और उन्हें ऑर्डर से मिलाकर वेरिफ़ाई करता है — आप उसे एक QR कोड स्कैन करके डेस्कटॉप से पेयर करते हैं, और उसके बाद पैक करने से पहले ही ऑर्डर पेड दिखता है। डिलीवरी के लिए आपके पास दो विकल्प हैं। डिलीवरी-पार्टनर ऐप के साथ अपने स्टाफ़ से ख़ुद डिलीवरी करें — ऑर्डर बैचिंग, रूट ऑप्टिमाइज़ेशन, COD दर्ज करना और लाइव GPS ट्रैकिंग के साथ — जो आपके पास के इलाक़े के लिए सबसे अच्छा है। अपने इलाक़े से बाहर के ऑर्डर के लिए किसी कूरियर पार्टनर जैसे Shiprocket Quick को सौंप दें, जो बड़े मेट्रो (Delhi, Mumbai, Bengaluru, Pune, Hyderabad, Chennai और Ahmedabad) में same-day हाइपरलोकल डिलीवरी देता है, और जिसके पीछे Shiprocket का पूरे भारत का नेटवर्क है जो 19,000+ पिनकोड तक पहुँचता है (Shiprocket का दावा)।
डिलीवरी की पूरी तस्वीर — बैचिंग, रूटिंग और पार्टनर ऐप — के लिए देखें कि ऑनलाइन स्टोर और डिलीवरी एक साथ कैसे काम करते हैं।
शुरू करने का खर्च कितना है?
e-Kirana प्रीमियम, पैसे देकर लेने वाला Windows सॉफ़्टवेयर है — कोई विज्ञापन नहीं, और स्टोर व डेटा आपका अपना। प्लान हैं ₹2,999/साल (Standard), जिसमें 2,500 तक SKU, और ₹4,999/साल (Business), जिसमें 5,000 तक SKU, दोनों पर 18% GST अलग से, सालाना। कोई फ्री ट्रायल या फ्रीमियम टियर नहीं है। Business टियर में HSN कोड के साथ GST इनवॉइसिंग जुड़ती है, जो बढ़ती हुई ज़्यादातर ग्रॉसरी दुकानें चाहेंगी। सबसे ख़ास बात — e-Kirana आपकी बिक्री पर कोई कमीशन नहीं लेता, इसलिए किसी मार्केटप्लेस से उलट, कीमत तय रहती है और हर टोकरी का मार्जिन आपके पास ही रहता है। लाइसेंस के अलावा आपके असली खर्च किसी भी ग्रॉसरी कारोबार के रोज़ के खर्च ही हैं: स्टॉक, पैकिंग और डिलीवरी।
पूरा ब्यौरा देखें प्राइसिंग पेज पर।
मुख्य बातें
- ✓आपकी ग्रॉसरी दुकान को सबडोमेन पर अपने नाम का ऑनलाइन स्टोर मिलता है — मार्केटप्लेस पर एक जगह नहीं।
- ✓बिलिंग व POS के साथ बारकोड से इन्वेंट्री, और दाम व स्टॉक ऑनलाइन स्टोर पर लाइव सिंक होते हैं।
- ✓अपने आप UPI पेमेंट वेरिफ़िकेशन — "e-Kirana Payments" Android कम्पैनियन ऐप से, QR से पेयर।
- ✓होम डिलीवरी आपके अपने स्टाफ़ से — ऑर्डर बैचिंग, रूट ऑप्टिमाइज़ेशन, डिलीवरी-पार्टनर ऐप, COD दर्ज करना और लाइव GPS ट्रैकिंग।
- ✓एक कस्टमर मोबाइल ऐप, ऑफ़लाइन चलने वाला PWA, और क्लाउड सिंक के साथ ऑफ़लाइन ऑर्डर कैप्चर।
- ✓बिक्री पर कोई कमीशन नहीं; कीमत ₹2,999/साल (Standard) या ₹4,999/साल (Business), दोनों पर +18% GST, 22 भारतीय भाषाओं में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर शुरू करने के लिए क्या पहले से एक दुकान होनी ज़रूरी है?
नहीं, पहले से दुकान होना ज़रूरी नहीं है, पर इससे मदद मिलती है। e-Kirana दोनों तरह से एक जैसा चलता है — चाहे आप पहले से किराना दुकान चलाते हों या बिल्कुल नए सिरे से शुरू कर रहे हों। आप इसे Windows PC पर इंस्टॉल करते हैं, बारकोड से अपना ग्रॉसरी कैटलॉग बनाते हैं, और अपना ऑनलाइन स्टोर ऑन कर देते हैं। पहले से दुकान होने पर शुरुआत के लिए स्टॉक, इलाक़े के ग्राहक और डिलीवरी का आधार मिल जाता है; नया शुरू करने वाला इन्हें दुकान खोलने के साथ ही सेट कर लेता है। आपके इलाक़े के नियमों के मुताबिक जो भी रजिस्ट्रेशन या अनुमति चाहिए, उसका इंतज़ाम आपको ख़ुद करना है — e-Kirana वह सॉफ़्टवेयर है जो उसके बाद दुकान चलाता है।
शुरू करने के लिए क्या मुझे डेवलपर या ऐप बनाने की ज़रूरत है?
नहीं। न डेवलपर रखना है, न वेबसाइट बनानी है, न कोई ऐप पब्लिश करना है। e-Kirana में आप डेस्कटॉप ऐप के अंदर अपना स्टोर ऑन करते हैं और एक नाम चुनते हैं — आपकी ग्रॉसरी दुकान को अपने सबडोमेन पर अपने नाम का स्टोर अपने आप मिल जाता है। ग्राहक उस तक e-Kirana कस्टमर मोबाइल ऐप या ऑफ़लाइन चलने वाले वेब ऐप (PWA) से पहुँचते हैं। न कुछ कोड करना है, न कुछ संभालना है।
मेरी ऑनलाइन ग्रॉसरी दुकान से ग्राहक ऑर्डर कैसे करते हैं?
ग्राहक e-Kirana कस्टमर ऐप या PWA में इलाक़े और पिनकोड से आपका स्टोर ढूँढते हैं, टोकरी भरते हैं और ऑर्डर कर देते हैं। हर ऑर्डर आपकी e-Kirana बिलिंग स्क्रीन पर आता है, और पैक करने से पहले UPI पेमेंट अपने आप वेरिफ़ाई हो जाता है — तो सामान बाहर जाने से पहले आपको पता रहता है कि ऑर्डर पेड है।
क्या मुझे अपनी ग्रॉसरी बिक्री पर कोई कमीशन देना पड़ता है?
नहीं। e-Kirana आपकी बिक्री पर कोई कमीशन नहीं लेता। आप सॉफ़्टवेयर के लिए तय सालाना कीमत देते हैं और हर ऑर्डर का पूरा मार्जिन अपने पास रखते हैं — किसी मार्केटप्लेस या क्विक-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से उलट, जो हर बिक्री का एक हिस्सा ले लेता है। जितनी ज़्यादा ग्रॉसरी बेचेंगे, उतना ज़्यादा आपके पास रहेगा।
e-Kirana से ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर शुरू करने का खर्च कितना है?
e-Kirana पैसे देकर लेने वाला Windows सॉफ़्टवेयर है। प्लान हैं ₹2,999/साल (Standard, 2,500 तक SKU) और ₹4,999/साल (Business, 5,000 तक SKU, HSN कोड के साथ GST इनवॉइसिंग सहित), दोनों पर 18% GST अलग से, सालाना। कोई फ्री ट्रायल या फ्रीमियम टियर नहीं है। लाइसेंस के अलावा आपके असली खर्च किसी भी ग्रॉसरी कारोबार के रोज़ के खर्च ही हैं — स्टॉक, पैकिंग और डिलीवरी — न कि प्लेटफ़ॉर्म कमीशन।
अपना ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर शुरू करें — अपनी शर्तों पर
अपने नाम का स्टोर, बिलिंग व POS, UPI अपने आप वेरिफ़ाई और होम डिलीवरी — कोई कमीशन नहीं, कोई ऐप बनाने की ज़रूरत नहीं। प्लान देखें और शुरू करें।
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